“चित्तौड़गढ़—चित्त को तोड़ने वाला।”
“हार कर भी जीतने वाला।”
“मर कर भी अमर होने वाला।”
“चित यानी मन, चित यानी हार।”
“किसी का मन नहीं भरता—यही है चित्तौड़गढ़।”
भगवान कृष्ण को समर्पित एक पवित्र मंदिर, जिन्हें 'साँवलिया सेठ' के रूप में जाना जाता है, अपनी दिव्य आभा और सुंदरता से भक्तों को मंत्रमुग्ध करता है।